College Student, IAS की तैयारी कैसे शुरू करें ?




UPSC सिविल सेवा परीक्षा को भारत की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती परीक्षा के रूप में माना जाता है। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के अंतर्गत कौशल और सफल होने की क्षमता दोनों की ही ज़रूरत होती है। इसी वजह से यह सलाह दी जाती है कि UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू करने के लिए सबसे अच्छा समय कॉलेज समय होता है, क्योंकि इस दौरान आपके पास अपने विषय से संबंधित सभी अवधारणाओं को मज़बूती से समझने के लिए पर्याप्त समय मिलता है।

लेकिन, अपने कॉलेज समय में भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तैयारी करना आसान काम नहीं है!

ज़्यादातर कॉलेज के छात्रख़ासकर इंजीनियरिंग के छात्र, अपने कॉलेज प्रोजेक्ट्सअसाइंमेंट्स, टेस्ट आदि में काफी व्यस्त रहते हैं। UPSC सिविल सेवा परीक्षा के रूप में इस प्रतिस्पर्धी परीक्षा के लिए कम से कम 4-6 घंटे अध्ययन करने की ज़रुरत होती है और सप्ताहांत के दौरान एक विस्तृत संशोधन योजना की आवश्यकता भी होती है।
कॉलेज के दौरान UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कैसे करें से संबंधित हम यहां एक संक्षिप्त परीक्षा तैयारी रणनीति और युक्तियां उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे जिससे आप IAS प्रारंभिक परीक्षा 2016 में सफलता हासिल कर सकें।

कॉलेज के छात्रों के लिए UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए तैयारी गाइड

किसी भी प्रकार की परीक्षा के लिएपहला कदम लिखित परीक्षा के संदर्भ में चयन पैटर्नपरीक्षा पैटर्न और सिलेबस से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाने के साथ शुरू होता है।
UPSC IAS परीक्षा को समझना: भारतीय सिविल सेवा परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाती है, आमतौर पर इसे UPSC के रूप में जाना जाता है। यह परीक्षा देश की सबसे मुश्किल भर्ती परीक्षाओं में से एक है, IASपरीक्षा में शामिल होने के लिए हर उम्मीदवार को स्क्रीनिंग के 3 स्तरों से होकर गुज़रना होता है।
  1. IAS प्रारंभिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ MCQ आधारित)
  2. IAS मुख्य परीक्षा (लिखित परीक्षा)
  3. साक्षात्कार / व्यक्तित्व परीक्षण
इसलिएपहले आपको अपनी तैयारी UPSC IAS प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी करने से शुरुआत करनी चाहिए। यहां हम आपको आपके कॉलेज समय में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए कुछ तैयारी टिप्स बता रहे हैं।

1. NCERT की पुस्तकों के साथ शुरूआत करें

NCERT की पुस्तकें अच्छे ज्ञान का भंडार का स्रोत होने के साथ-साथ एक सरल विधि की परिचायक भी हैं इसलिएNCERT की पुस्तकों के साथ शुरूआत करना एकदम सही क़दम है। इन पुस्तकों की मदद से आप जटिल अवधारणाओं को समझ पाएंगे और है अध्ययन की एक मजबूत नींव का निर्माण करने के लिए मदद करते हैं।
हम आपको अनुशंसित करते हैं कि आप एक नोटबुक बनाएं जिसमें  हर पुस्तक को पढ़ने के बाद आप उसमें से महत्वपूर्ण जानकारियां उसमें नोट करते रहें इससे आपको रीविज़न के दौरान अध्ययन में मदद मिल सके। NCERT की कक्षा छठी से बारहवीं की पुस्तकों को पढ़ने के बादआप अधिक विस्तृत अध्ययन सामग्री के लिए आगे बढ़ सकते हैं। NCERT की पुस्तकों के बाद आप भारतीय राजनीति के लिए लक्ष्मीकांत, आज़ादी के पूर्व और आज़ादी के बाद के विस्तृत अध्ययन आदि के लिए बिपिन चन्द्र की स्नातक स्तर की पुस्तकें पढ़ सकते हैं।

2. दैनिक करंट अफेयर्स और न्यूज डाइजेस्ट पर आधारित पुस्तकें

आसपास की नवीनतम घटनाओं के बारे में पता करने के लिए कोई विकल्प मौजूद नहीं है। मनोरमा और जिस्ट पत्रिकाएं मौजूदा मामलों से संबंधित संक्षिप्त विश्लेषण उपलब्ध कराएंगी लेकिन दैनिक समाचार-पत्र पढ़ने से लेखन कौशल में सुधार करने से निबंध लेखन में काफी हद तक मदद मिलेगी। द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस IAS उम्मीदवारों के लिए बहुत प्रसिद्ध समाचार-पत्र हैं।
हालांकियह बेहद महत्वपूर्ण बात है कि आप समाचार-पत्र को सही तरीके से पढ़ने की कला को जानते हों यानि आपकोIAS परीक्षा के लिए चुनिंदा प्रासंगिक विषयों पर ध्यान केंद्रित करना होगा और समाचार-पत्र की अनावश्यक सामग्री को छोड़ देना चाहिए जिससे समय की बर्बादी न हो सके।
हम समाचार-पत्र पढ़ने के सही तरीक़े को आपके समक्ष रखने जा रहे हैं जोकि महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित है जिसे आप एक नोटबुक की मदद से दैनिक रुप से नोट कर सकते हैं। इस नोटबुक को हमने आठ श्रेणियों में विभाजित किया है:
  • अंतर्राष्ट्रीय संबंध (एशिया और आसपास)
  • अंतर्राष्ट्रीय संबंध (अमेरिका और दुनिया)
  • सरकारी नीतियां और योजनाएं
  • व्यक्तित्व
  • पुरस्कार
  • खेल
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठन
  • सामाजिक मुद्दे
  • आर्थिक नीतियां
  • रक्षा
इससे आपको नवीनतम घटनाओं पर कड़ी नजर रखने और उन्हें आसानी से याद करने में मदद मिलेगी।

3. तैयारी करने की अपनी अनोखी शैली विकासित करना

भारतीय प्रशासनिक सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी करना किसी रोमांच से कम नहीं है, इसलिए आपको अपनी स्नातक स्तर की पढ़ाई की अवधि के दौरान अपनी ज़िम्मेदारी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। UPSC अच्छे स्नातक ग्रेड की सराहना करता है। आपके स्नातक स्तर की पढ़ाई के दौरान आपके द्वारा चुने गए विषय की जानकारी साक्षात्कार के दौर में काम आ सकती है। स्नातक स्तर के विषय से संबंधित सिलेबस पर पूरा ध्यान केंद्रित करें इससे आपके द्वारा चुने गए वैकल्पिक विषयों की तैयारी करने में आपकी मदद हो सकेगी।

IAS की तैयारी के लिए इस सामग्री के साथ आगे बढ़ें और कभी-कभी आपके साथियों का दबाव आपको एक बार फिर पूरे पाठ्यक्रम में कूदने के लिए कह सकते हैं। आपको इस बात को समझना होगा कि अनावश्यक सामग्री की दिशा में आगे बढ़ना आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है और आपको कन्फ्यूज़न की स्थिति में भी डाल सकता है। मल्टी-टॉस्किंग से बचते हुए एक समय में एक विषय को ही चुनें, इससे आप उस विषय पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। एक साथ कई विषयों को चुनना आपकी एकाग्रता को नष्ट कर सकता है जिसके परिणामस्वरुप आपका रिज़ल्ट भी निचले स्तर का हो सकता है।

4. एक वैकल्पिक विषय का चयन

परीक्षा के परीक्षा पैटर्न के अनुसारआपको केवल मुख्य परीक्षा के लिए एक वैकल्पिक विषय का चयन करना होता है। मुख्य परीक्षा के विषय के चयन के लिए कॉलेज का समय एक सही समय होता है।
अधिकांश छात्रों को पहले ये जांच लेना चाहिए कि उनके स्नातक / स्नातकोत्तर विषय मुख्य परीक्षा में एक वैकल्पिक विषय के रूप में पेश किए गए हैं कि नहीं। यदि हांतो फिर वे अपने स्नातक स्तर की पढ़ाई के अधीन या किसी अन्य अपनी रुचि के अनुसार विषय का चयन करने के लिए स्वतंत्र हैं। यहां वैकल्पिक विषय के चयन के लिए मापदंड की एक सूची है:
  • जब आप जनरल स्टडीज़ के पेपर (प्रारंभिक) का अध्ययन करते हैंआप अपनी रुचि और समझ के अनुसार अपनी पसंद के एक विषय का चयन कर सकते हैं।
  • आप एक विषय के चयन के बादआप उस विषय के पिछले साल सवालों के माध्यम से आप अपनी तैयारी करने का मन बना सकते हैं।
  • जब आप निबंध लेखन शुरू करेंगे तब आप एक विशेष वैकल्पिक विषय के लिए आवश्यक पैटर्न और लेखन शैली के बारे में जान जाएंगे।
  • आपके द्वारा चुने गए वैकल्पिक विषय के निर्धारण में उससे संबंधित अध्ययन सामग्री और अन्य संसाधनों की उपलब्धता भी एक पहलू है।
  • जनरल स्टडीज़ के पेपर में एक वैकल्पिक विषय का वेटेज एक और पहलू है जो आपकी अपनी पसंद को प्रभावित कर सकता है।
अंत मेंएक कॉलेज के छात्र के रूप में, अब आप ये जान गए हैं कि IAS परीक्षा के लिए तैयार करने के लिए एक लंबी और बहुस्तरीय प्रक्रिया है जिसके लिए कड़ी मेहनत और लगन की आवश्यकता है। जबकि कॉलेज समय सिविल सेवा के अपने लक्ष्य को पूरा के लिए अध्ययन शुरू करने के लिए सही समय है, इसलिए इस लंबी प्रक्रिया से आप अपना आत्मविश्वास नहीं खोना चाहिए। शुभकामनाएं!


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