UPSC/IAS Success Tips in Hindi




देश में १ अरब २२ करोड़ लोग रहते हैं २२ करोड़ बृद्ध को छोड़ दें तो शेष १ करोड़ लोग आज किसी न किसी सफलता के पीछे भाग रहे हैं . ...और जो सबसे ज्यादा गंभीर हैं वो हैं हमारे ३५ करोड़ युवा ... आज हर युवा कामयाबी की एक नयी इबारत लिखना चाहता है ... बहुत साडी दौलत और शोहरत चाहता है ...और इसके लिए अपने करियर के पीछे जे जान लगाकर जुट जाता है ....पर सफलता चाँद खुशनसीबों के पास जाती है ...ऐसा क्यों ? .....कही न कही सफलता पाने के लिए उन्होंने जो भी प्रयास किये उससे आपके प्रयास कम थे !! बहुत सी ऐसी चीजे हैं जिन्हे आप सुधारकर सफलता के रास्ते पर जा सकते हैं ...... 


१. आपका जूनून ---- मैंने आईएएस की तयारी कर रहे कई लोगों से यह कहते सुना है कि ये तो असंभव सा लक्ष्य है सर बस आज़मा रहे हैं अगर बन गए तो बन गए .... ये क्या है ?? मतलब आपको खुद पर यकीन नहीं है और न ही आईएएस के लिए आपके अंदर जूनून है ...सफलता के लिए सबसे पहले आपको अपने अंदर एक जूनून पैदा करना होगा ..जिससे आपको हर पल ये अहसास हो कि हाँ मैं ये कर सकता हूँ !!


 
२. पीछे देखने कि आदत ----- बहुत से लोग कहते हैं कि उनका अतीत उन्हें आगे नहीं बढ़ने देगा मतलब उनके अतीत में ऐसी बहुत सी चीजे हैं जिनके कारण वो आगे नहीं बढ़ सकते ... इसमें सबसे बड़ा जो कारण बताते हैं वो है कि हम अभी तक पढाई में बहुत कमजोर थे ...हमारी आर्थिक स्थिति कमजोर थी आदि आदि .... आपके कहने के हिसाब से आपका अतीत आपको आगे नहीं बढ़ने दे रहा ,..ये बिलकुल असत्य है ... दोस्तों हम चाहे जितने अमीर या वीर हो हम अपना बीता हुआ कल नहीं बदल सकते तो फिर हम उसकी वजह से आने वाली जिंदगी क्यों ख़राब करें ..? .. जो बीत गया सो बीत गया ..अब हम आज को अच्छा बना सकते हैं ताकि हमारा आने वाला कल उज्जवल हो .... एक बात हमेशा याद रखिये कि आपको अतीत को अब छोड़ना होगा क्योंकि """ पीछे पलट कर देखने वाले इतिहास नहीं बनाते "" !!


 
३.. आपका टाइम मैनेजमेंट यानि समय प्रबंधन ---- जो लोग मेरे संपर्क में हैं उनसे जब कभी मैं पूछता हु कि "" पढाई कैसी चल रही है "" तो अक्सर उनका एक जवाब होता है कि सर अभी दो दिन से थोड़ा बिजी से घर में मेहमान आये थे या घर में समस्या थी या हम टेंशन में थे और भी बहुत सी चीजें .........!! आप लोगों में से बहुत से लोगो के साथ ये होता होगा कि किसी कारण से आपकी पढाई बाधित हो जाती है .... पर एक सवाल जो मई आप सबसे पूछना चाहूंगा कि क्या इन दिनों जब आपके पास समस्या थी तो आपने ....खाना छोड़ा ? ...नहाना छोड़ा ? ...सोना छोड़ा ..? नहीं न..तो फिर पढाई क्यों ..?... क्योकि वो सब आपकी दिनचर्या का एक हिस्सा हैं ..और पढाई नहीं ... तो पढाई को भी दिनचर्या का एक हिस्सा बनाइये न .... अगर आपको सफलता चाहिए तो आपको बिना किसी औपचारिकता और बहाने के पढाई को बराबर टाइम देना होगा !! 



४... आपकी दोस्ती , प्यार और आपकी सफलता ---- आज का युवा दो चीज में तो माहिर है एक दोस्ती और दूसरा प्यार ... माँ ने भेजा सब्जी लेने और वह दोस्त मिल गया तो लगे गप शप में जहाँ १० मिनट में लौट आना था वहां लग गए १ घंटे ....!! गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड का फोन आ गया तो चिपक गए ...!!!! आप महसूस करते हो कि कितना टाइम आप दिन में बर्बाद कर देते हो ..??? मैं ये नहीं कह रहा कि आप दोस्त और प्यार छोड़ दीजिये .. .. बस मैं इतना कहता हूँ कि अभी दुनियादारी कि बातें करने को जिंदगी पड़ी है लेकिन अगर ये वक़्त निकल गया फिर दोबारा नहीं आने वाला ...थोड़ा सेल्फिश बन जाइये .. और दोस्तों को भी सही दिशा में लगाइये .. आप लोगों के बीच बाटे हो तो कम की ..दुनियादारी की बातो से टाइम भी बर्बाद होता है और तनाव भी बढ़ता है ... 


कन्फूसियस की एक लाइन मुझे याद है '"""उससे कभी मित्रता न कर जो तुझसे बेहतर न हो """ !! 


साभार -  शरद तिवारी "निशब्द"  





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आपका दोस्त - नितिन गुप्ता 

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