सिविल सेवा मुख्य परीक्षा निबंध-पत्र : क्या लिखे, कैसे लिखे ? (How To Write Essay in The Civil Services Mains Exam in Hindi)



मुख्य परीक्षा के निबंध पत्र के बारे में बहुत सारे छात्र शंकित रहते हैं की क्या लिखना है और कैसे लिखना है? बहुत सारे छात्र इस पत्र को गंभीरता से नही लेते पर यह ध्यान रखे की निबंध पत्र के अंक बहुत बार आपकी सफलता को निर्धारित करते हैं। निबंध में २०० में कोई ८० अंक लाता है तो कोई १५०। अब आप सोच सकते हैं की निबंध के अंकों का क्या महत्व है?

निबंध पत्र के साथ एक और दिक्कत जो छात्रों के सामने आती है वो यह है की पुराने प्रश्नपत्र उपलब्ध नही हो पाते। खैर जहाँ तक निबंध के विषयों की बात है तो ६ दिए गए विषयों में आपको किसी एक विषय पर ३ घंटों में एक निबंध लिखना होता है। शब्द- सीमा का कोई उल्लेख नही होता पर सामान्यतः २०००-२५०० शब्दों में निबंध लिखने का प्रयास करे।

निबंध के विषयों में काफी विविधता होती है और हर एक निबंध अलग-अलग क्षेत्र से होता है। सो यहाँ हर किसी के लिए गुंजाईश है। सामान्यतया समसामयिक मुद्दे, अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे, सामाजिक मुद्दे, साहित्यिक- दार्शनिक -चिन्तनपरक विषय से एक- एक निबंध होते हैं। आपको देखना है की आप किस विषय पर सबसे अच्छा और सबसे हटकर अपने आपको अभिव्यक्त कर सकते हैं।

निबंध लिखने की शैली की जहाँ तक बात है तो वो हर किसी के लिए अलग-अलग होती है। आपको अपनी शैली ख़ुद से निखारनी होगी। बेहतर यह है की आप एक नोटबुक बनाकर उसमे निबंध के लिए महत्वपूर्ण १०-१५ सदाबहार मुद्दे और २०-२५ समसामयिक मुद्दों के लिए ढांचा तैयार करले। इसके अर्न्तगत आप सामान्य अध्ययन में दिए गए कुछ सामाजिक मुद्दों, पर्यावरण सम्बंधित मुद्दों को भी निबंध के लिए तैयार कर ले सकते है। आपको चुने हुए विषयों पर जो भी जानकारी पत्र-पत्रिकाओं या किताबों से मिलती है उसे आप अपनी नोटबुक में जगह देते चले। जरुरी आंकड़े, उद्धरण, काव्य पंक्तियाँ, वर्त्तमान व सटीक उद्धरण ये सब जहाँ से भी मिले उसे आप सम्बंधित निबंध के अर्न्तगत नोट करते चले।

निबंध पत्र के लिए कुछ जरुरी पत्र – पत्रिकाओं की सूची मैं दे रहा हूँ-
कुरुक्षेत्र
योजना
विज्ञानं प्रगति
आहा, जिन्दगी
कथन (त्रैमासिक)
इंडिया टुडे, आउटलुक के कुछ महत्वपूर्ण अंक
सिविल सेवा से सम्बंधित पत्रिकाओं के आलेख
समाचार पत्रों के सम्पादकीय पृष्ठ के आलेख

यह सूची आरंभिक मार्गदर्शन के लिए है, जैसे- जैसे आप अपनी तैयारी में गहरे उतरते जायेंगे, आपको ख़ुद-बखुद जरुरी-गैरजरूरी का फर्क समझ अत जाएगा। हंस की तरह नीर-क्षीर विवेक आपको सूचनाओं के ढेर और भाषा की भूलभुलैयाँ में से अपने कम की सामग्री चुनने में मदद करेगा। और हाँ, सीधी- सादी दिल को छू जाने वाली भाषा में लिखे। परीक्षक भी आपसे प्रसन्न हुए बिना नही रह पायेगा.
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